हेलो दोस्तों ! पर्यावरण को लेकर अपने कामों से अपनी पहचान बनाने वाली एक्टिविस्ट दिशा रवि आजकल सुर्ख़ियों में हैं. दिशा का सुर्ख़ियों में आना उनके टूलकिट केस के कारण हो रहा है. दिशा रवि वैसे तो बतौर एक्टिविस्ट खुद की पहचान बना चुकी हैं और अपने आप को साबित भी कर चुकी हैं. लेकिन हाल ही में उन्होंने किसानों के समर्थन में खुलकर बात रखी थी. यह सब जानने से पहले क्या आप यह जानते हैं कि दिशा रवि कौन हैं ? दिशा रवि क्या करती हैं ? नहीं ! तो चलिए हम बताते हैं :
कौन हैं दिशा रवि?
सबसे पहले तो आपको जानकारी देते हुए यह बता दें कि दिशा रवि एक जलवायु कार्यकर्ता हैं. उनकी उम्र 22 साल है. दिशा बेंगलुरू से बिलोंग करती हैं. बात करें उनकी पढ़ाई की तो उन्होंने बेंगलुरु के एक प्राइवेट कॉलेज से ही बीबीए की डिग्री हासिल की हुई है.
क्या करती हैं दिशा रवि ?
इसके साथ ही दिशा फ्राइडेज फॉर फ्यूचर इंडिया नामक एक आर्गेनाईजेशन की संस्थापक सदस्य भी हैं. जानकारी में ही आपको इस बात से भी अवगत करवा दें कि दिशा रवि ‘गुड वेगन मिल्क’ नाम से चलने वाली एक आर्गेनाईजेशन में काम भी करती हैं. इस संस्था के जरिए दिशा प्लांट बेस्ड फूड (Vegetarian) को लोगों के लिए सस्ता और बेहतर बनाने का काम करती हैं. यह संस्था जानवरों पर बेस्ड एग्रीकल्चर को खत्म करने का काम करती है और जानवरों को जीवन का अधिकार दिलवाती है.
दिशा के बारे में और भी खास बातें :
दिशा का नाम क्लाइमेट चेंज को लेकर काफी पहले सामने आया था. इस दौरान दिशा की पढ़ाई ही चल रही थी और वे बेंगलुरु के कॉलेज में पढ़ रही थीं. इसके बाद दिशा ने फ्राइडेज फॉर फ्यूचर संस्था का हाथ थामा. इसके साथ वे भारत में संस्था की शुरुआत से ही हैं. दिशा यावी ने इसके जरिए कई मुद्दे जैसे मुंबई का आरे जंगल वाला मामला, या केंद्र सरकार द्वारा लाया गया EIA 2020 ऐसे कई मौको पर विरोध प्रदर्शन किया है और खु की मोजुदगी दर्ज करवाई है.
दिशा के साथ ही ऐसे करीब 150 मेम्बेर्स और हैं जो फ्राइडे फॉर फ्यूचर संस्था के साथ बेंगलुरु में ही काम करते हैं. दिशा अपने इन कामों के साथ ही थोडा समय निकालकर आर्टिकल लिखने के काम भी करने से पीछे नहीं हटती हैं. उन्होंने अपने कॉलम, आर्टिकल के जरिए क्लाइमेट चेंज को लेकर कई चिंताएं लोगों के सामने रखी हैं.
टूलकिट की शुरुआत :
बताया जा रहा है कि दिशा रवि ने किसानों के समर्थन को आगे बढ़ाते हुए एक टूलकिट को सोशल मीडिया पर शेयर किया था, इस टूलकिट के बारे में बता दें कि यही वही टूलकिट है जिसे पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था. दिल्ली पुलिस ने दिशा को टूलकिट संपादन और दस्तावेज को बनाने एवं फैलाने के मामले में साजिशकर्ता बताया है.
