December 22, 2017

पुरे भारत देश को गौरव दिलाने वाली देश की पहली IPS ऑफिसर महिला किरण बेदी की ये कहानी

किरण बेंदी भारत देश की सबसे पहली IPS अधिकारी महिला है और इसके अलावा किरण बेदी पुलिस सेवा की सेवानिवृत्त अधिकार,सामाजिक कार्यकर्ता,भूतपूर्व टेनिस खिलाड़ी एवं राजनेता है 35 वर्ष तक सेवा में रहने के बाद सन 2007 में उन्होंने स्वाभाविक रूप से सेवानिवृत्त ले लिया किरण बेदी ने अपने विभिन्न पदों पर रहते हुए अपनी कार्य-कुशलता का परिचय देते हुए भारत देश का गौरव बढ़ाया है किरण बेदी ने दिल्ली से लेकर सयुंक्त राष्ट्र तक काफी महत्वपूर्ण और जोखिम भरे कार्य किए है जिसके बाद हर लड़की चाहती है की वह किरण बेदी के तरह बने और लड़की और लडकों में फर्क करने वालों की सोच को बदलने के कोशिश करे।

किरण बेदी का शुरुआती जीवन :-

इनका जन्म 9 जून 1949 को अम्रतसर में हुआ इनके पिता प्रकाशलाल पेशावरिया और माता प्रेमलता इनकी चार बेटियां है किरण बेदी सहित इनकी बहन शीश कनाडा में रहती है एक कलाकार,दूसरी रीता क्लिनिकल साईंकोलॉजिस्ट और लेखक है और तीसरी अनु जोकि एक वकील है इन तीनों में किरण बेदी दुसरे स्थान पर है इनके माता पिता ने इन चारों बेटियों को समाज के प्रति आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ जीना सीखाया जो हर बेटी के लिए सबसे बड़ी संपति होती है।

किरण बेदी की शिक्षा :-

किरण बेदी ने अपनी स्कूल से लेकर कॉलेज तक की पढाई अम्रतसर से की फिर दिल्ली युनिवर्सिटी से LLB की पढाई कर वर्ष 1993 में उन्होंने आई.आई.टी.दिल्ली के सोशल साइंस विभाग से पि.एच.डी की उपाधि ली किरण बेदी अपनी शिक्षा में तो टॉपर थी इसके साथ ही वह टेनिस में भी माहिर थी जिसमे उन्होंने एशिया की महिलाओं में लान टेनिस चैपियनशिप का ख़िताब भी अपने नाम करवाया है।

इनकी शादी और परिवार :-

किरण बेदी की 1972 में ब्रज बेदी के साथ शादी होगई और शादी के कुछ महीनो बाद ही किरण को IPS की ट्रेनिंग के लिए जाना पड़ा जिसके बाद में ब्रज बेदी उनसे मिलने जाया करते थे फिर ट्रेनिंग के बाद में किरण की पोस्टिंग दिल्ली में हो गई और वह वही पर अपने परिवार के साथ में रहने लगी किरण और ब्रज की एक बेटी भी है जिसका नाम साइन बेदी और साइन अपनी माँ के एनजीओ को देखती है।

पहली IPS महिला अधिकारी :-

भारतीय पुलिस सेवा में आने वाली पहली IPS अधिकारी महिला है किरण बेदी ने अपनी पुलिस सेवा में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस चीफ, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, , इंस्पेक्टर जनरल ऑफ प्रिज़न, तिहाड़, स्पेशल सेक्रेटेरी टू लेफ्टीलेन्ट गवर्नर, , इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, , जाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस ट्रेनिंग, स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस इंटेलिजेन्स, यू.एन. सिविलियन पुलिस एड्वाइजर, महानिदेशक, होम गार्ड और नागरिक रक्षा, महानिदेशक, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो जैसे विभिन्न पदों पर भी कार्य किया किरण डीआईजी, चंडीगढ़ गवर्नर की सलाहकार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में डीआईजी तथा यूनाइटेड नेशन्स में भी कार्य कर चुकी हैं।

सामाजिक पहल :-

किरण बेदी एक आईपीएस पुलिस अधिकारी होने के साथ ही एक सामाज सेवक भी है और अपनी पुलिस की ड्यूटी करने के साथ में समाज सेवा में बेहद रूचि रखती इस के अलावा इन्होने दो स्वयं के द्वारा सेवा संगठनों की स्थापना भी की और पुलिस अधिकारियों को 1987 में नवज्योति फाउंडेशन नामक संस्थान की शुरुआत की जिसके माध्यम से किरण बेदी ने कई नशाखोरी को नियंत्रण करने तथा गरीबो और जरूरतमंद लोगो की साहयता की।

यह संस्थान रोज़ाना हजारों-लाखोँ गरीब लोगो और बच्चों तक पहुँच कर उनको शिक्षा प्राप्त कराते है यह नवज्योति संस्था नशामुक्ति के लिए इलाज करने के साथ झुग्गी झोपड़ियों और ग्रामीण क्षेत्र में रहने एवं जेल के भीतर रहने वाली महिलाओं को कार्य उपलब्ध कराती है नशा मुक्ति इन संस्थानों को यूनाइटेड नेशन्स की ओर से किरण बेदी और उनकी संस्थानों को सर्ज सॉइटीरॉफ मेमोरियल अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है।

अन्ना हजारे के साथ लोकपाल आंदोलन :-

2011 में हुए लोकपाल आंदोलन में अन्ना हजारे के साथ में किरण बेदी ने भी लोक कल्याण के लिए इस आंदोलन से जुड़ीं आंदोलन में किरण बेदी इंडिया अगेन्स्ट करप्शन के खिलाफ लड़ी भारत आजादी के बाद भी इस भष्टाचार के दलदल में धंसा आ रहा था और इसे हमेशा के लिए जंड से खत्म करने के लिए भारत सरकार से एक लोकपाल विधेयक लाने के लिए अनुरोध किया जिसके बाद में भारत सरकार में कई तरह के विचार करने के बाद में लोकपाल आंदोलन के बारह दिनों के बाद में संसद में लोकपाल प्रारूप तैयार करने में 3 बिंदु पर विचार करने के लिए प्रस्ताव पारित किया।

किरण बेदी पर फिल्म :-

IPS किरण बेदी के जीवन में किस तरह के परेशानियाँ और उतार-चढ़ाव आए इस पर आधारित फिल्म यस मैडम सर बनाई गई इस फिल्म में कई भारतीय पुलिस सेवाओं में जो खामियां होती है इसके बारे में बताया गया है इस फिल्म को ऑस्ट्रेलिया के मेगन डानमैंन ने दर्शया है जिसमे सहकर्मियों ने किरण को किस तरह सजा के तौर पर अलग-अलग जगह पर भेजने की कोशिश की लेकिन किरण ने फिर भी अपने कार्य के प्रति सटीक होकर उन सभी को मुहं तोड़ जवाब दिया।

पुरस्कार की उपाधि :-

किरण बेदी ने अपने कार्य से कई सारे पुरस्कार भी हासिल किए है प्रेसीडेंट गेलेट्री अवार्ड, वीमेन ऑफ दी ईयर अवार्ड , एशिया रिजन अवार्ड फॉर ड्रग प्रिवेंशन एंड कंट्रोल , रोमन मैग्सेसे महिला शिरोमणि,फादर मैचिस्मो ह्यूमेटेरियन,प्राइड ऑफ इंडिया तथा मदर टेरेसा मेमोरियल नेशनल अवार्ड की उपाधि मिली है।

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