December 15, 2017

जानिए सरदार वल्लभ भाई पटेल की कुछ रोचक और सराहनीय काम में दिए योगदान की बातों के बारे में

सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत के स्वंतत्रता संग्राम सेनानी थे भारत देश की आजादी के बाद में यह सबसे पहले ग्रह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री बने सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे सरदार पटेल को इसकी सफलता पर वहाँ की महिलाओं ने सरदार की उपाधि प्रदान की थी आजादी के बाद विभिन्न रियासतों में भारत देश के भू-राजनीतिक एकीकरण में केन्द्रीय भूमिका निभाने के लिए सरदार पटेल को इस के लिए भारत देश में लौह पुरुष के नाम से भी कहा जाता है।

सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 नाडियाद एक किसान परिवार में हुआ था यह अपने पिता के साथ खेत में काम करने जाते थे और महीने में 2 बार दिनभर का उपवास भी करते थे इस प्रकार के त्याग ने सरदार पटेल को बचपन से मेहनती और मजबूत बना दिया इस लिए आज हम उन्ही की कुछ रोचक और सराहनीय बातें बताने जा रहे है।

  

1. सरदार वल्लभ भाई पटेल को कम से कम 500 रियासतों भारतीय गणराज्य में मिलाने का प्रसिद्धि श्रेय जाता है क्योकि उन्होंने गुजरात के किसानों को कैरा डिस्ट्रक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर यूनियन बनाने के लिए अभिप्रेरित किया था जोकि बाद में अमूल बन गई।

2. सरदार पटेल एक वकील भी थे और गाँधी जी से काफी प्रेरित भी साल 1917 में गांधी से प्रभावित होकर उन्होंने आजादी के आंदोलन की ओर अपना रुख़ गया।

3. सरदार पटेल 1917 से लेकर 1924 तक अहमदनगर के पहले भारतीय निगम आयुक्त के निर्वाचित नगरपालिका अध्यक्ष भी बने।

4. सरदार पटेल ने संविधान निर्माण में भी अपना योगदान दिया और मूलाधिकारों पर बनी समिति के अध्यक्ष रहे जिसमे उनके कई व्यापक ज्ञान की झलकें मिलती थी।

5. उन्होंने अधिकारों को 2 भागों में रखने का सुझाव भी दिया था जिनके नाम मूलाधिकार और दूसरा निति-निर्देशक तत्व है।

6. नेहरु जी को गांधी जी का समर्थन होने के बाद भी देश से कोई समर्थन नहीं मिल पाया लेकिन सरदार पटेल को 15 से 12 राज्यों का समर्थन मिला उस समय गांधी जी को लगा की ऐसे में कही कांग्रेस बिछड़ न जाएं इस लिए लिए सरदार पटेल ने गांधी जी के सम्मान में अपना नाम वापस ले लिया।

7. सरदार पटेल देश के पहले ग्रह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री थे इस लिए उन्हें आईएएस,आईपीएस और केन्द्रीय सेवाओं का जनक भी कहा जाता था।

8. 1950 में प्रधानमंत्री नेहरु जी को एक पत्र लिखकर चीन से आगाह रहने की सलाह दी थी लेकिन नेहरु जी इस खतरे को समझ नहीं पाएं और भारत को साल 1962 को युद्ध का सामना करना पड़ा।

9. देश की आजादी की लड़ाई के दौरान उन्होंने गांधी जी के नेतृत्व में भारत के लिए पहले सत्याग्रह चंपारण सत्याग्रह को व्यापकता के साथ आगे बढ़ाया इसके अलावा वारदोली सत्याग्रह का नेतृत्व भी किया।

10 . 1909 में सरदार पटेल की पत्नी का हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान निधन होगया और जब सरदार पटेल को इस बात की खबर दी गई उस समय वह अदालत में पूछ-ताछ कर रहे थे इसके बाद भी उन्होंने अपना काम जारी रखा फिर अदालत का काम पूरा होने के बाद ही उन्होंने अन्य लोगो को इस बात की खबर की।

11 . सरदार पटेल के सम्मान में अहमदाबाद के हवाई अड्डे का नामकरण सरदार वल्लभाई पटेल अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखा गया है और गुजरात के वल्लभ विद्यानगर में इनके नाम का विश्विद्यालय भी बना है।

12 . सरदार वल्लभभाई पटेल की 137वीं जयंती के मौके पर नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात की नर्मदा जिले में सरदार पटेल की एक स्मारक का शिलान्यास किया।

13 जिसका नाम एकता की मूर्ति यानि की स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी रखा गया और इस प्रतिभा को एक छोटे चट्टानी द्वीप पर स्थापित किया जाना है जो सरदार सरोवर बाँध के सामने नर्मदा नदी के मध्य में और यह प्रतिभा दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिभा होगी एंव यह 5 वर्ष में करीब 2500 करोड़ रूपए की लागत से तैयार होनी है।

14 . सरदार वल्लभ भाई की मृत्यु 15 दिसंबर 1950 में मुंबई में दिल के दौरे की वजह से हो गई थी।

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