December 20, 2017

योगी आदित्यनाथ कैसें बने यूपी के सबसे चर्चित मुख्यमंत्री और जानिए उनके कुछ खास फैसलों के बारे में

योगी आदित्यनाथ यूपी राजनीति के सबसे चर्चित नेता है यह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री है इन्होने 19 मार्च को 2017 को प्रदेश के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद यहाँ के 21 वें मुख्यमंत्री बने है यह 1998 से लगातार भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर गोरखपुर लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे थे योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी है और यह हिन्दू युवाओं के सामाजिक सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह हिन्दू युवा वाहिनी के संस्थापक भी है और यह एक ऐसे नेता है जिसने यूपी ही नहीं बल्कि पुरे प्रदेश में अपनी ललकार दिखाते हुए कई बड़े-बड़े फैसले भी किए है तो आइये जानते है इनके योगी से लेकर यूपी के मुख्यमंत्री बनने तक के साफ के बारे में।

योगी जी का शुरूआती जीवन :-

योगी आदित्यनाथ जी का जन्म 5 जून 1972 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के पंचुर गाँव में एक राजपूत परिवार में हुआ था इनके पिता का नाम आनंद सिंह बिष्ट है जो एक फ़ॉरस्ट रेंजर थे और इनकी माता का नाम सावित्री देवी है योगी जी के अपने तीन बड़ी बहनों व एक बड़े भाई के बाद में पांचवे नंबर पर थे इनके बाद दो छोटे भाई है।

योगी जी की शिक्षा :-

योगी जी ने अपनी स्कूल की पढाई टिहरी के गजा स्कूल से की सन 1989 में ऋषिकेश के श्री भरत मंदिर इण्टर कॉलेज से इन्होने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की और अपनी ग्रेजुएशन की पढाई के साथ-साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से भी जुड़ें रहे।

कैसे पड़ा योगी आदित्यनाथ नाम :-

चर्चो में रहने वाले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का वास्तविक नाम अजय सिंह है गढ़वाल विश्वविध्यालय से गणित में बीएससी करने के बाद में अजय ने गोरखपुर में एक गुरु गोरखनाथ जी पर अपना शोध करना शुरू कर दिया जिसकी वजह से गोरक्षनाथ पीठ के महंथ अवैद्यनाथ की नजरें योगी पर पड़ी और इन्ही मंहत जी के प्रभाव में अजय का पूरा ध्यान अध्यात्म की और झुकने लगा इसके बाद में करीब 22 वर्ष में अजय ने अपना सांसारिक जीवन त्याग कर सन्यास का रूप ले लिया इस लिए मंहत जी ने अजय सिंह को एक योगी आदित्यनाथ का नाम दे दिया।

योगी जी का राजनैतिक कैरियर :-

1998 में मंहत अवैद्यनाथ ने अपने राजनीती से सेवा-निवृत्ति हो गए और योगी जी को अपना उत्तराधिकारी बना दिया और योगी ने अपने पूज्य गुरुदेव के आदेश पालन करते हुए गोरखपुर संसदीय क्षेत्र की जनता के अनुरोध से गोरखपुर के 12वें लोकसभा के चुनाव को जीतकर सबसे कम उम्र वाले संसद बन।

भाजपा से संबधित :-

योगी जी भारतीय जनता पार्टी से काफी लम्बे टाइम से सम्बन्ध में जोड़े थे वह पूर्वी उत्तर प्रदेश में भाजपा से बेहद प्रभाव रखते है इससे पहले उनके पुर्विधिकारी और गोरखनाथ मठ के महंत अवैद्यनाथ भी भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा चुनाव को जीत चुके है।

राजनैतिक विवाद :-

हिन्दू और मुस्लिमों के बीच मुहर्रम के दौरान कुछ विवाद हुए थे इस विवाद में युवा वाहिनी का एक सदस्य राज कुमार अग्रहरी भी था जिसके बाद में जिलाधीश ने योगी जी को कहा की उन्हें उस जगह पर नहीं जाना चाहिए लेकिन योगी जी उस जगह पर गए और उन्होंने वह के कर्फ्यू को हटाने की मांग की और उसके अगले दिन श्र्धद्यांजलि सभा का आयोजना करने के लिए कहा।

परन्तु जिलाधिकारी उसे स्वीकार नहीं किया जिसके बाद में योगी जी ने अपनी आप को गिरफ्तार करवा दिया और सीआरपीसी की धारा के तहत उन्हें जेल भेज दिया गया और इसका असर गोरखपुर गोदाम एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे जला दिए गए जिसका आरोप योगी जी के संगठन हिन्दू युवा वाहिनी पर लगा।

मुख्यमंत्री चुनाव :-

19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी शपथ ली थी इस शपथ समारोह को लखनऊ के कांशीराम स्म्रति उपवन में आयोजित किया गया था योगी जी के साथ दो उप-मुख्यमंत्री भी बनाए गए यूपी के राजनीतिक में पहली बार दो उप-मुख्यमंत्री बने और इस समारोह में नरेन्द्र मोदी,बीजेपी अध्यक्ष शाह और पार्टी के कई नेता भी सम्मिलित हुए थे।

मुख्यमंत्री बनने के बाद कुछ ख़ास फैसले :-

• योगी जी ने बीजेपी के चुनाव घोषणा पत्र में दिए गया अवैधानिक कसाई खानों को बंद कराने के मामलो में सबसे पहले दावा किया और जिसे ही वह मुख्यमंत्री बने उन्होंने कई पुलिस कर्मचारियों को यूपी में अवैध कसाई खानों को बंद करने का आदेश दिया।

• किसी भी सरकारी कार्यलयों में किसी भी कर्मचारी को पान और तम्बाकू खाने की बिल्कुल भी इजाजत नहीं दी जाएगी सरकारी कार्यलयों के साथ-साथ में हर स्कूल,कॉलेज और अस्पतालों में भी यह लागु होता है।

• VIP कल्चर को हटाने के लिए योगी जी का बड़ा फैसला यह है की अपनी निजी गाड़ियों में लाल बत्ती का उपयोग न किया जाए।

• योगी जी ने यूपी में लड़कियों को छेड़ने वाले मनचलों के विरोध में यूपी पुलिस को एक एंटी रोमियो स्क्वाड नाम की टीम का गठन करने का आदेश दिया और यह टीम लखनऊ के ग्यारह जिलों में सभी स्कूलों और कॉलेजों के बाहर नियुक्त की गई है।

• योगी जी ने गैर सरकारी सलाहकारों को नौकरी से हटाने का फैसला लिया इनमे अतिरिक्त अध्यक्ष ,उपाध्यक्ष,निगम सदस्य, अनावश्यक सिमितियाँ आदि शामिल है।

• योगी जी यूपी के पुलिस आधिकारियों को आदेश दिया है की वह लगातार सोशल मिडिया से जुड़े रहे ताकि कोई भी घटना हो तो पुलिस बिना टाइम गवाएं घटना स्थल पर पहुँच कर के उस मामले को संभाल सके।

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