May 8, 2021

Himanta Biswa Sarma Biography – जानिए कौन है हिमंता बिस्वा शर्मा, क्यों कहा जाता है पूर्वोत्तर का अमित शाह

आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे पूर्वोत्तर में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता हिमंता बिस्वा शर्मा hemanta biswas sharma के बारे में। वैसे तो हिमंता बिस्वा शर्मा असम में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता है, लेकिन उन्हें असम ही नहीं बल्कि पूर्वोत्तर के राज्यों में बीजेपी का चाणक्य कहा जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेसी मुक्त भारत अभियान की तरह पूर्वोत्तर को कांग्रेस मुक्त बनाने का अभियान हिमंता बिस्वा शर्मा पर है। किसी समय कांग्रेस से अपनी राजनीति की शुरुआत करने वाले हिमंता बिस्वा शर्मा आज पूर्वोत्तर में कांग्रेस को खासा नुकसान पहुंचा रहे हैं। हिमंता बिस्वा शर्मा की मदद से भारतीय जनता पार्टी ने ना सिर्फ असम में अपनी सरकार बनाई बल्कि अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में भी अपनी सरकार बनाई। हिमंता बिस्वा शर्मा की सफलताओं के कारण ही उन्हें पूर्वोत्तर का अमित शाह भी कहा जाता है। कांग्रेस में तवज्जो ना मिलने का आरोप लगाकर भाजपा में आए हिमंता बिस्वा शर्मा आज पूर्वोत्तर में भाजपा के सबसे बड़े नेताओं में से एक है। तो चलिए आज हम जानते हैं कि हिमंता बिस्वा शर्मा कौन है और उनके अब तक के राजनीतिक सफर के बारे में।

हिमंता बिस्वा शर्मा की जीवनी hemanta biswas sharma biography

हिमंता बिस्वा शर्मा का जन्म 1 फरवरी 1969 को जोरहाट में हुआ था। हिमंता बिस्वा शर्मा के पिता का नाम कैलाश नाथ शर्मा है। हिमंता बिस्वा शर्मा की माता का नाम मृणालिनी देवी है। हिमंता बिस्वा शर्मा की पत्नी का नाम रिनिकी भुयान शर्मा है। हिमंता बिस्वा शर्मा के दो बच्चे हैं। पहले बच्चे का नाम नंदिल विश्व शर्मा और दूसरे बच्चे का नाम सुकन्या विश्व शर्मा है।

हिमंता बिस्वा शर्मा की शिक्षा hemanta biswas sharma education

हिमंता बिस्वा शर्मा ने अपनी स्कूली शिक्षा अकादमी स्कूल से पूरी की है. इसके बाद उन्होंने कॉटन कॉलेज गुवाहाटी में दाखिला लिया. हिमंता बिस्वा शर्मा ने साल 1990 में अपना ग्रेजुएशन पूरी किया जबकि साल 1992 में अपना पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी किया. साल 1991-92 में हिमंता बिस्वा शर्मा कॉटन कॉलेज गुवाहाटी के जनरल सेक्रेटरी भी रहे. हिमंता बिस्वा शर्मा ने सरकारी लॉ कॉलेज से एलएलबी और गुवाहाटी कॉलेज से पीएचडी की पढाई की है. पढाई पूरी करने के बाद हिमंता बिस्वा शर्मा ने साल 1996 से 2001 तक गुवाहाटी हाई कोर्ट में लॉ की प्रैक्टिस की.

हिमंता बिस्वा शर्मा का राजनीतिक करियर Hemant Biswa Sharma’s political career

हिमंता बिस्‍व शर्मा ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस के साथ की थी. हिमंता बिस्‍व शर्मा ने साल 2001 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर असम के जालुकबरी से चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे. इसके बाद हिमंता बिस्‍व शर्मा साल 2006 और साल 2011 के विधानसभा चुनाव में भी जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र से जीतकर विधानसभा पहुंचे. 15 साल तक कांग्रेस विधायक रहने के दौरान हिमंता बिस्वा शर्मा असम सरकार में कई पदों पर रहे.

हिमंता बिस्वा शर्मा के जीवन में महत्वपूर्ण मोड़ आया साल 2014-15 के दौरान. दरअसल असम के तत्कालीन मुख्यमंत्री तरूण गोगोई से विवाद के कारण हिमंता बिस्वा शर्मा ने 21 जुलाई 2014 को सभी पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद वह 23 जुलाई 2015 को तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के घर पर भाजपा में शामिल हो गए. कांग्रेस छोड़ने के बाद हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा था कि मैंने राहुल गाँधी से कई बार बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मेरी बात सुनने से ज्यादा अपने कुत्तों के साथ खेलना बेहतर समझा. दूसरी तरफ अमित शाह ने महज एक फ़ोन पर मिलने का समय दे दिया.

भाजपा में शामिल होने के बाद हिमंता बिस्वा शर्मा ने असम में भाजपा को मजबूत करने का काम किया और इसका असर भी जल्द ही देखने को मिला. साल 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार असम में अपनी सरकार बनाई. भाजपा की इस जीत में हिमंता बिस्वा शर्मा का बड़ा योगदान था. भाजपा की सरकार बनने के बाद हिमंता बिस्वा शर्मा मंत्री भी बने. हिमंता बिस्वा शर्मा को वित्त, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, शिक्षा, योजना और विकास, पर्यटन, पेंशन और लोक शिकायत जैसे विभाग आवंटित किए गए हैं। यहीं नहीं साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भी असम में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए अपनी सत्ता वहां बरकरार रखी. भाजपा की इस जीत में भी हिमंता बिस्वा शर्मा का बड़ा योगदान है.

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