May 8, 2021

Hemant Soren Biography – जानिए कौन है हेमंत सोरेन, कैसा रहा है उनका राजनीतिक सफ़र

आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे देश के दिग्गज युवा नेता और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बारे में. एक युवा नेता के रूप में हेमंत सोरेन ने झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. हेमंत सोरेन झारखंड के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री भी है. तो चलिए आज हम जानते है कि हेमंत सोरेन कौन है? और कैसे उन्होंने युवा नेता से लेकर झारखंड का मुख्यमंत्री बनने का सफ़र तय किया.

हेमंत सोरेन की जीवनी Biography of Hemant Soren

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जन्म 10 अगस्त 1975 को बिहार के रामगढ़ जिले के नेमरा (अब झारखंड) में हुआ था. हेमंत सोरेन के पिता का नाम शिबू सोरेन है जबकि उनकी माता का नाम रूपी सोरेन है. शिबू सोरेन झारखंड की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं. हेमंत सोरेन के दो भाई दुर्गा सोरेन और बसंत सोरेन है जबकि उनकी बहन का नाम अंजलि सोरेन है. हेमंत सोरेन की पत्नी का नाम कल्पना सोरेन है. उनके दो बेटे भी है.

हेमंत सोरेन की शिक्षा Hemant Soren Education

हेमंत सोरेन ने अपनी स्कूली शिक्षा पटना हाई स्कूल से पूरी की है. इसके बाद हेमंत ने रांची में मौजूद BIT बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में दाखिला लिया. हालांकि राजनीति की तरफ झुकाव के कारण हेमंत सोरेन ने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी.

हेमंत सोरेन का राजनीतिक करियर Hemant Soren political career

हेमंत सोरेन को राजनीति अपने पिता से विरासत में मिली है. उनके पिता झारखंड के दिग्गज नेता और मुख्यमंत्री रहे है. हेमंत सोरेन ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2005 में की थी. उन्होंने पहली बार साल 2005 में झारखंड विधानसभा का चुनाव लड़ा लेकिन वह चुनाव हार गए. अपने बड़े भाई दुर्गा की मौत के बाद हेमंत सोरेन पूरी तरह से राजनीति में उतर गए. साल 2009 में हेमंत सोरेन राज्यसभा के सदस्य बने.

साल 2010 के विधानसभा चुनाव में हेमंत सोरेन ने एक बार फिर अपनी किस्मत आजमाई और दुमका जिले से विधानसभा चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने. विधायक बनने के बाद हेमंत सोरेन ने राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया. साल 2010 में ही हेमंत सोरेन झारखंड के उपमुख्यमंत्री बने. 13 जुलाई 2013 को हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री बने. हालांकि उनकी यह सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाई.

साल 2014 में झारखंड में हुए विधानसभा चुनाव में हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा चुनाव हार गई. इसके बाद हेमंत सोरेन साल 2015 में झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बने. हेमंत सोरेन ने अगले पांच साल जमकर मेहनत की और साल 2019 के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी को एक बार फिर से जीत दिलाई और खुद दूसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने. मुख्यमंत्री के अलावा हेमंत झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष भी है.

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