April 4, 2021

Covaxine vs covishield कौन है ज्यादा असरदार, कैसे करें रजिस्ट्रेशन, जानिए कोरोना से जुड़े सभी सवालों के जवाब

पूरे देश में इस समय कोरोना की लहर फिर से तेज हो गई है. रोजाना देश में कोरोना के रिकॉर्ड नए मामले (corona cases in india) सामने आ रहे है. कोरोना के नए मामलों में तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन (corona vaccination in india) लगाने की प्रकिया भी तेज कर दी है. सरकार ने 1 अप्रैल से 45 साल से ऊपर के सभी व्यक्तियों के लिए कोरोना वैक्सीन लगाने की छुट दे दी है. सरकार के आदेश के बाद 45 साल से ऊपर के सभी व्यक्तिय अब खुद को कोरोना की वैक्सीन लगा सकते हैं. बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन सेंटर पर खुद को वैक्सीन लगवाने के लिए पहुँच रहे हैं. भारत की कई बड़ी हस्तियों ने भी खुद को वैक्सीन लगवा ली है. हालांकि अब भी कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें corona vaccination को लेकर डर है या फिर जानकारी के अभाव में खुद को कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं. तो चलिए आज हम लोगों के मन में उठ रहे सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं.

कोरोना वैक्सीन क्या है? (What is corona vaccine?)         

बता दे कि वैक्सीन का काम होता है आपके शरीर के अंदर जाकर उसे किसी बीमारी, वायरस या संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार करना. वैक्सीन शरीर के अंदर एंटीबॉडी बनाने का काम करती है. इसी तरह कोरोना वैक्सीन शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाने का काम करती है.

Corona vaccine in Hindi

बता दे कि भारत में दो कोरोनारोधी टीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. पहली है कोवैक्सीन, जो कि पूरी तरह से स्वदेशी वैक्सीन है. इसे भारत बायोटेक कंपनी ने बनाया है. जबकि दूसरी वैक्सीन है कोविशील्ड, इसे सीरम इंस्टीट्यूट ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर बनाया है. लगभग पूरे देश में कोरोना के दोनों ही टीके उपलब्ध है. हालांकि आज भी कई लोगों के मन में दोनों वैक्सीन को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे है. जैसे कोवैक्सीन और कोविशील्ड में क्या अंतर (cowin and covishield difference in hindi) है? कौन सी वैक्सीन ज्यादा असरदायक (Which vaccine is more effective) है?

कोवैक्सीन बनाम कोविशील्ड (Covaxine vs covishield)

कोवैक्सीन नाम की देशी कोरोना वैक्सीन को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और भारत बायोटेक कंपनी ने मिलकर बनाया है. लोगों को इस वैक्सीन के दो टीके लगाए जा रहे है. ट्रायल के नतीजों की बात करे तो कोवैक्सीन 81 फीसदी तक प्रभावी है. वहीं कोविशील्ड की बात करे तो इसे सीरम इंस्टीट्यूट ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर बनाया है. लोगों को इस वैक्सीन के भी दो टीके लगाए जा रहे है. ट्रायल के अनुसार यह 70 से 90 फीसदी तक प्रभावी है. इन दोनों ही वैक्सीन को पूरी तरह से सुरक्षित माना गया है.

कोरोना वैक्सीन कैसे काम करती है (How Corona Vaccine Works)

कोवैक्सीन में निष्क्रिय कोरोना वायरस होता है जो लोगों को नुकसान पहुंचाए बिना उनके अंदर कोरोना से लड़ने की क्षमता विकसित करता है. दूसरी तरफ कोविशील्ड में चिम्पांजी में पाए जाने वाले आम सर्दी के संक्रमण के एडेनोवायरस का इस्तेमाल कर बनाया गया है.

कोरोना वैक्सीन के बुरे प्रभाव (side effects of corona vaccine)

वैसे तो कोरोना वैक्सीन को पूरी तरह से सुरक्षित माना गया है, लेकिन कुछ लोगों को वैक्सीन लगाने के बाद साइड इफ़ेक्ट्स का सामना करना पड़ सकता है. जैसे – हल्का बुख़ार या ख़ारिश होना. वैसे यह सामान्य दुष्प्रभाव हैं.

कोरोना वैक्सीन रजिस्ट्रेशन कैसे करें (How to register corona vaccine)

बता दे कि 45 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकता है. किसी भी वैक्सीनेशन सेंटर पर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है. इसके अलावा आप आधिकारिक वेबसाइट cowin.gov.in पर जाकर एडवांस अपॉइंटमेंट बुक कर सकते है. इसके अलावा नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर जाकर 3 बजे बाद अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते है.

कोरोना वैक्सीन की कीमत क्या है

सरकारी टीकाकरण केंद्र पर जाकर आप मुफ्त में कोरोना का टीका लगवा सकते है. इसके अलावा निजी केंद्र पर 250 देकर कोरोना का टीका लगवा सकते है.

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