Adhir Ranjan Chowdhury Biography
July 14, 2021

Adhir Ranjan Chowdhury Biography – नक्सल आंदोलन से लोकसभा में कांग्रेस नेता तक, जानिए अधीर रंजन चौधरी कौन है?

Adhir Ranjan Chowdhury Biography – दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे लोकसभा में कांग्रेस नेता और बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के बारे में. वैसे तो अधीर रंजन चौधरी आज देश के बड़े नेताओं में से एक हैं, लेकिन देश के ज्यादातर लोगों ने अधीर रंजन चौधरी का नाम तब सुना जब साल 2019 में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने उन्हें लोकसभा में कांग्रेस का नेता चुना. हालांकि देश के एक बड़े वर्ग ने अधीर रंजन चौधरी का नाम भले ही साल 2019 में सुना हो, लेकिन वह पिछले काफी समय से बंगाल में कांग्रेस के सबसे कद्दावर नेता हैं.

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम अधीर रंजन चौधरी के राजनीतिक जीवन और उनके निजी जीवन को लेकर कुछ चीजों के बारे में बात करेंगे. हम जानेंगे कि अधीर रंजन चौधरी कौन है?, उनका राजनीतिक जीवन कैसा रहा है और कैसे एक एक स्कूल ड्रॉपआउट छात्र आगे चलकर लोकसभा में कांग्रेस का नेता बना. तो दोस्तों चलिए शुरू करते हैं अधीर रंजन चौधरी का जीवन परिचय.

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अधीर रंजन चौधरी की जीवनी (Adhir Ranjan Chowdhury Biography)

दोस्तों अधीर रंजन चौधरी का जन्म 2 अप्रैल 1956 को एक बंगाली परिवार में हुआ था. अधीर रंजन चौधरी के पिता का नाम निरंजन चौधरी है जबकि अधीर रंजन चौधरी की माता का नाम सरजुबाला चौधरी है.

नक्सल आंदोलन से जुड़े

अधीर रंजन चौधरी ने नक्सल आंदोलन के जरिए राजनीति में कदम रखा है. दरअसल अधीर रंजन चौधरी जब स्कूल में थे तभी उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और नक्सल आंदोलन से जुड़ गए. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अधीर रंजन चौधरी को इमरजेंसी के दौर में मीसा एक्ट के तहत गिरफ्तार भी किया गया था. साल 1977 में ज्योति बसु की सरकार के दौरान उन्हें माफ़ी दी गई. इसके बाद राजीव गाँधी के समय अधीर रंजन चौधरी कांग्रेस में शामिल हो गए.

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पहले चुनाव में मिली हार

अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव लड़ने की शुरुआत साल 1991 में की थी. इस वर्ष हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अधीर रंजन चौधरी ने भी चुनाव लड़ा. यह वह समय था जब पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान भारी हिंसा होती थी. वोटिंग वाले दिन अधीर रंजन चौधरी को बंधक भी बना लिया गया था. इसके बावजूद अधीर रंजन चौधरी ने पूरी ताकत से चुनाव लड़ा, लेकिन वह मामूली अंतर से चुनाव है गए.

मुर्शिदाबाद को बनाया कांग्रेस का गढ़

पहले चुनाव में भले ही हिंसा के चलते अधीर रंजन चौधरी को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इससे लोगों के मन में अधीर रंजन चौधरी के लिए सहानभूति आ गई. इसके बाद अधीर रंजन चौधरी ने साल 1996 में जेल में रहते हुए विधानसभा चुनाव लड़ा. दरअसल उस समय अधीर रंजन चौधरी एक सीपीएम नेता के परिजन की हत्या के आरोप में जेल में बंद थे. हालांकि अधीर रंजन चौधरी ने जेल में रहते हुए एक बार फिर से मुर्शि‍दाबाद से चुनाव लड़ा और 20 हजार से ज्यादा के अंतर से जीता.

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साल 1999 में बने सांसद

विधायक बनने के तीन साल बाद अधीर रंजन चौधरी ने साल 1999 में बरहमपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा. यह एक ऐसी सीट थी, जहाँ से कांग्रेस ने साल 1951 के बाद कभी भी चुनाव नहीं जीता था. इसके बावजूद अधीर रंजन चौधरी ने ना सिर्फ वहां से चुनाव लड़ा बल्कि जीत भी हासिल की. इससे अधीर रंजन चौधरी का कद कांग्रेस में बढ़ गया. अधीर रंजन चौधरी लगातार पांच बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके है.

प्रणब मुखर्जी की जीत के वास्तुकार

पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस नेता रहे स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी ने अपने जीवन का पहला लोकसभा चुनाव साल 2004 में जंगीपुर संसदीय सीट से लड़ा था. कहा जाता है कि अधीर रंजन चौधरी ने ही जंगीपुर संसदीय सीट से प्रणब मुखर्जी के चुनाव लड़ने की पहल की थी. इसके बाद प्रणब मुखर्जी ने साल 2009 में भी जंगीपुर संसदीय सीट से ही चुनाव जीता. दोनों ही बार प्रणब मुखर्जी की जीत में अधीर रंजन चौधरी की अहम भूमिका रही.

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लोकसभा में कांग्रेस के नेता

अधीर रंजन चौधरी ने मनमोहन सिंह सरकार के दूसरे कार्यकाल में रेल राज्य मंत्री का पद संभाला. इसके बाद साल 2014 में कांग्रेस ने अधीर रंजन चौधरी को बंगाल कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया. साल 2019 में लोकसभा चुनाव के बाद सोनिया गाँधी ने अधीर रंजन चौधरी को लोकसभा में कांग्रेस का नेता नियुक्त किया.

अधीर रंजन चौधरी का परिवार (Adhir Ranjan Chowdhury family)

अधीर रंजन चौधरी ने दो शादियाँ की है. अधीर रंजन चौधरी की पहली पत्नी का नाम मजूमदार चौधरी है. हालांकि बाद में अधीर रंजन चौधरी और मजूमदार चौधरी का तलाक हो गया. इसके बाद अधीर रंजन चौधरी ने अर्पिता चौधरी से विवाद किया. अधीर रंजन चौधरी और अर्पिता चौधरी की एक बेटी भी है.

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अधीर रंजन चौधरी विवाद (Adhir Ranjan Chowdhury controversy)

  1. साल 2015 में अधीर रंजन चौधरी लोकसभा स्पीकर के आसन से सटे प्लेटफार्म पर चढ़कर तत्कालीन लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को नारे लिखी तख्ती दिखाने को लेकर विवादों में आ चुके है. इस कारण उन्हें एक दिन के लिए लोकसभा से निलंबित किया जा चुका है.
  2. अधीर रंजन चौधरी ने कश्मीर को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा था कि, ‘कश्मीर भौगोलिक तौर पर तो हमारा है लेकिन भावनात्मक रूप से नहीं.’
  3. अधीर रंजन चौधरी ने एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनकड़ को जोकर कह दिया था.
  4. लोकसभा में मोदी सरकार को घेरते गये अधीर रंजन चौधरी ने यह तक कह दिया था कि, ‘मैं पाकिस्तानी हूं. आप जो करना चाहते हैं, वो कर सकते हैं.’

अधीर रंजन चौधरी की संपत्ति (Adhir Ranjan Chowdhury Property)

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अधीर रंजन चौधरी की कुल सम्पत्ति 9 करोड़ 28 लाख रुपए है.

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