sachin pilot biography – राजस्थान की राजनीती में सचिन पायलट (sachin pilot) एक जाना माना नाम बन चुके हैं. सचिन पायलट ने राजनीती (sachin pilot in politics) में अपना नाम काफी बुलंद कर लिया है. सचिन पायलट और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (ashok gehlot) के बीच कुछ समय पहले ही कुछ मतभेद देखने को मिले थे. जिसके बाद ही सचिन पायलट को राज्य सरकार (rajsthan state government) ने उपमुख्यमंत्री के पद के साथ ही कांग्रेस (congress) ने प्रदेशाध्यक्ष पद से भी हटा दिया था.
राजस्थान से सचिन पायलट को अध्यक्ष के पद से हटाने के बाद गोविंद सिंह डोटासरा (govind singh dotasara) को नया प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया है. सचिन पायलट राजनीती का जाना माना चेहरा हैं.
सचिन पायलट से जुड़े कई ऐसे सवाल हैं जिनके बारे में लोग जानना चाहते हैं. जैसे सचिन पायलट कौन हैं ? (who is sachin pilot ?) सचिन पायलट का राजनैतिक सफ़र ? (sachin pilot political career) सचिन पायलट की पत्नी का नाम ? (sachin pilot wife name) सचिन पायलट विकिपीडिया ? (sachin pilot wikipedia) सचिन पायलट बायोग्राफी (sachin pilot biography) आदि. तो चलिए हम बताते हैं इस बारे में विस्तार से :
कौन हैं सचिन पायलट ? (who is sachin pilot ?)
सचिन पायलट को लेफ्टिनेंट सचिन पायलट (lieutenant sachin pilot) के नाम से भी जाना जाता है. सचिन पायलट का जन्म (sachin pilot DOB) 7 सितम्बर 1977 को हुआ था. वे राजस्थान सरकार (rajsthan government) में उपमुख्यमंत्री के पद पर रहे हैं. इसके साथ ही सचिन पायलट 15वीं लोकसभा के मंत्रिमंडल में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री में भी रहे हैं.
जबकि फ़िलहाल सचिन पायलट राजस्थान के टोंक विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में कार्यरत हैं. और सचिन पायलट साल 2014 से लेकर 14 जुलाई 2020 तक राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के पद पर भी रहे हैं. 14 जुलाई को ही उन्हें इस पद से हटाया गया था.
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सचिन पायलट का प्रारंभिक जीवन कैसा रहा ?
यह तो हम आपको बता ही चुके हैं कि लेफ्टिनेंट सचिन राजस्थान (sachin pilot from rajsthan) से बिलोंग करते हैं. सचिन के पिता का नाम राजेश पायलट (rajesh pilot) था और वे भी कांग्रेस के बड़े नेताओं में शामिल थे. लेफ्टिनेंट की शुरूआती पढ़ाई नई दिल्ली के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से हुई है. जिसके बाद उनकी ग्रेजुएशन की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से हुई है.
लेफ्टिनेंट ने इसके बाद की पढ़ाई अमेरिका के पेंसिलवानिया विश्वविद्यालय के व्हॉर्टन स्कूल से की. उन्होंने यहाँ से MBA की डिग्री ली. इतना कुछ करने के बाद सचिन ने अपने पिता की तरह ही राजनीती में अपने कदम बढ़ाए और इसमें सफल भी हुए. आज सचिन को राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश में एक कुशल नेता के रूप में पहचान मिली हुई है.
सचिन पायलट का राजनैतिक जीवन : (sachin pilot political career)
लेफ्टिनेंट सचिन पायलट ने राजनीती में कदम रखा साल 2004 में. इस दौरान सचिन ने दौसा क्षेत्र से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा. इस चुनाव ने जीत हासिल करने के बाद से ही सचिन पायलट के चर्चे शुरू हो गए. चुनाव में जीत होने के साथ ही सचिन पायलट देश के सबसे युवा लोकसभा सदस्य भी बन गए.
जिसके बाद उन्होंने साल 2009 के लोकसभा चुनाव में फिर से हिस्सा लिया. इस दौरान सचिन पायलट ने भारतीय जनता पार्टी के किरण माहेश्वरी को 76 हजार वोट से करारी मात दी. साल 2012 में सचिन ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री का पद संभाला. इसके बाद साल 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर देखने को मिली.
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इसके चलते ही सचिन पायलट को साल 2014 में हार का सामना करना पड़ा. लेकिन इसे पश्चात उन्हने राजस्थान कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया. अध्यक्ष पद पर रहते हुए साल 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने टोंक क्षेत्र से चुनाव को अपने नाम किया. जिसके बाद साल 2018 में ही 17 दिसंबर को उन्हें राजस्थान का उपमुख्यमंत्री बनाया गया.
साल 2020 में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच कुछ मतभेद देखने को मिले. जिसके कारण उन्हें 14 जुलाई 2020 को उपमुख्यमंत्री के पद के साथ ही राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया.
सचिन पायलट की खास बातें :
- सचिन पायलट को एक दमदार नेता माना जाता है. उनके दबदबे को इस बात से भी देखा जा सकता है कि यह कहा जाता है कि सचिन पायलट के कारण ही अशोक गहलोत की सरकार पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं.
- ऐसा इसलिए क्योंकि साल 2018 के दौरान राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए काफी काम किया और काफी अहम किरदार निभाया था. सचिन पायलट के काफी काम करने के बावजूद भी कांग्रेस के द्वारा राजस्थान में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया गया.
- सचिन पायलट के समर्थकों ने भी कांग्रेस के इस कदम को लेकर नाराजगी जाहिर की. इसे देखते हुए कांग्रेस के द्वारा सचिन को राजस्थान का उपमुख्यमंत्री बनाया गया. लेकिन इसके बाद भी अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच विवाद खत्म नही हुए और मनमुटाव बढ़ते ही गए.
- जहाँ एक तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट की बातों को नजर अंदाज किया तो वहीँ सचिन ने भी कई बार अपनी ही सरकार को घेरना शुरू किया.
पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) की बेटी से सचिन की शादी :
सचिन पायलट (sachin pilot) की वाइफ का नाम सारा पायलट (sara pilot) है. सचिन और सारा की शादी 15 जनवरी 2004 को हुई थी. सचिन पायलट ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला की बेटी सारा अब्दुल्ला से शादी की है. इस कपल के दो बेटे भी हैं.
सचिन पायलट को क्यों कहा जाता है लेफ्टिनेंट सचिन पायलट ? (lieutenant sachin pilot)
दरअसल सचिन पायलट 6 सितंबर 2012 को भारत की प्रादेशिक सेना में अधिकारी के रूप में नियुक्त हुए थे. इसके साथ ही वे ऐसे पहले केन्द्रीय मंत्री भी बने थे. इस कारण ही उन्हें लेफ्टिनेंट पायलट के नाम से भी जाना जाता है.
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सचिन पायलट और सारा पायलट की लव स्टोरी : (love story of sachin pilot and sara pilot)
सचिन के पिता राजेश पायलट और सारा के पिता फारूक अब्दुल्ला अच्छे राजनितिक दोस्त थे. एक शादी समारोह के दौरान ही सचिन और सारा की मुलाकात हुई थी. और दोनों ने एक दूजे को पसंद करना शुरू किया.
इसके बाद दोनों की मुलाकात हुई अमेरिका में पढ़ाई के दौरान. यहाँ यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के व्हार्टन स्कूल ऑफ बिजनस में दोनों का मिलना शुरू हुआ और दोस्ती प्यार में तब्दील होने लगी. लेकिन पढ़ाई के नाद सचिन भारत लौट आए और सारा वहीँ रहीं. दोनों का प्यार फ़ोन, ईमेल और मेसेज पर बढ़ने लगा.
कई साल प्यार में रहने के बाद 15 जनवरी 2004 में एक सिंपल समारोह में दोनों की शादी हुई थी. हालाँकि इस शादी में सारा के पिता फारूक अब्दुल्ला और भाई उमर अब्दुल्ला दोनों ही नहीं आए थे. सचिन और सारा की शादी को कई साल हो चुके हैं और अपनी लाइफ ख़ुशी-ख़ुशी जी रहे हैं. दोनों के बच्चों के नाम आरन और विहान हैं.
