Tirath Singh Rawat Biography – 115 दिन ही मुख्यमंत्री रहने के बाद 2 जुलाई 2021 को तीरथ सिंह रावत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. उत्तराखंड की पौड़ी-गढ़वाल संसदीय सीट से सांसद तीरथ सिंह रावत को पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के बाद प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री चुना गया था. वैसे उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनने की रेस में वैसे तो कई नाम थे, लेकिन अंत में मौका मिला तीरथ सिंह रावत को. हालाँकि 115 दिन मुख्यमंत्री रहने के बाद तीरथ सिंह रावत ने इस्तीफा दे दिया है. इसके साथ ही लोगों के मन में सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर तीरथ सिंह रावत कौन है? तो चलिए आज हम जानते हैं तीरथ सिंह रावत का जीवन परिचय (Tirath Singh Rawat Biography).
तीरथ सिंह रावत का परिवार (tirath singh rawat family)
बता दे कि तीरथ सिंह रावत का जन्म 9 अप्रैल 1964 को उत्तराखंड के जिले के कल्जीखाल ब्लाक के सीरों गांव में हुआ था. तीरथ सिंह रावत के पिता का नाम (tirath singh rawat father name) कलम सिंह रावत और मां का नाम गौरी देवी है. तीरथ अपने भाइयों में सबसे छोटे हैं. तीरथ सिंह रावत की पत्नी का नाम (tirath singh rawat wife name) डॉ रश्मि रावत है. वह डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून में मनोविज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं.
Yogi Adityanath Biography : अपने निडर फैसलों के लिए जाने जाते हैं योगी आदित्यनाथ
तीरथ सिंह रावत की शिक्षा (tirath singh rawat education)
तीरथ सिंह रावत ने गढ़वाल विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने समाज शास्त्र में एमए किया और फिर पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल किया.
ABVP से शुरू की सियासत
तीरथ सिंह रावत का बचपन से ही संघ से जुड़ाव रहा है. उन्होंने अपना सियासी सफ़र छात्र राजनीति से शुरू किया है. तीरथ सिंह रावत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े रहे हैं. साथ ही संघ से भी उनका गहरा नाता रहा. यहीं कारण है कि महज 20 साल की उम्र में ही तीरथ सिंह रावत संघ के प्रांत प्रचारक बन गए थे. यहीं नहीं वह रामजन्मभूमि आंदोलन में दो माह तक जेल में भी रहे. इसके अलावा उन्होंने उत्तराखंड राज्य के लिए हुए आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई है. तीरथ सिंह रावत ने सबसे पहले साल 1992 में ABVP की तरफ से गढ़वाल विवि बिड़ला परिसर श्रीनगर के छात्रसंघ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इसके बाद तीरथ सिंह रावत ने ABVP के प्रदेश संगठन मंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में भी काम किया है.
Jitin Prasad Biography : कौन हैं जितिन प्रसाद ? राजनीती के गलियारों में हैं Jitin Prasad के नाम के
उत्तराखंड के पहले शिक्षा मंत्री
तीरथ सिंह रावत पहली बार साल 1997 में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बने. इसके बाद जब उत्तराखंड अलग राज्य बना तो साल 2000 में तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के पहले शिक्षा मंत्री बने. इसके बाद तीरथ सिंह रावत प्रदेश भाजपा के अलग-अलग पदों पर काम करते रहे. साल 2013 में तीरथ सिंह रावत को उत्तराखंड भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया. साल 2017 में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया. इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में तीरथ सिंह रावत गढ़वाल सीट से चुनाव लड़े और 2.85 लाख से अधिक वोटों से जीत दर्जकर लोकसभा पहुंचे.
तीरथ सिंह रावत क्यों बनाया गया था मुख्यमंत्री
बता दे कि उत्तराखंड का अगला मुख्यमंत्री बनने के लिए भाजपा में कई दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने तीरथ सिंह रावत को अगला मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया था. दरअसल पार्टी ने यह फैसला जातीय व क्षेत्रीय समीकरण को देखते हुए लिया था. साथ ही तीरथ सिंह रावत का संघ की पृष्ठभूमि से होना भी उनके लिए फायदेमंद रहा था. तीरथ सिंह रावत जमीनी नेता के तौर पर जाने जाते हैं. संगठन और सरकार दोनों में उनका अनुभव है. यहीं कारण है कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया था.
Nusrat Jahan Biography : अपने ग्लैमरस अंदाज से फेमस हैं TMC सांसद नुसरत जहां
तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया
दोस्तों तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के पीछे संवैधानिक मजबूरी को वजह बताया जा रहा है. दरअसल संविधान के अनुसार तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 6 महीने के भीतर राज्य के किसी सदन का सदस्य बनना था, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा सितंबर से पहले उपचुनाव कराने से इनकार करने के बाद उनके सामने विधायक बनने का संवैधानिक संकट खड़ा हो गया था.
हालांकि तीरथ सिंह रावत चाहते थे इस्तीफा देकर दोबारा शपथ ले सकते थे, इससे उन्हें छह महीने का समय और मिल जाता. ऐसे में मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के पीछे संवैधानिक मजबूरी ना होकर दूसरी वजह भी हो सकती है. जैसे अपनी तीन महीने की सरकार में तीरथ सिंह रावत ने अपने बयानों से भाजपा की जमकर फजीहत करवाई है. चाहे वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तुलना भगवान से करना हो या फिर महिलाओं की फटी जींस पर कमेंट करना हो.
Supriya Shrinate Biography – जानिए कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत कौन है?
ऐसे में कहा जा रहा है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भी नहीं चाहता था कि अगला विधानसभा चुनाव तीरथ सिंह रावत के नेतृत्व में लड़ा जाए. इसलिए उनसे इस्तीफा दिलवाया गया है.
नए सीएम पद के लिए भाजपा अब किसी को बाहर से लाने की बजाय विधायकों में से चुनने के पक्ष में है. फिलहाल सतपाल महाराज और धन सिंह रावत का पलड़ा सबसे भारी लग रहा है।
