हेलो दोस्तों ! हम सभी ने आमिर खान की फिल्म ‘3 इडियट्स’ तो देखी ही है. इस फिल्म ने लोगों को अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचने की एक नई प्रेरणा देने का काम भी किया है. फिल्म ‘3 इडियट्स’ में आमिर खान का किरदार फुंगसुक वांगडू भी लोगों को काफी पसंद आया था. लेकिन हम आज आपको उस शख्स से मिलाने जा रहे हैं जिनकी जिंदगी से प्रेरित आमिर का यह किरदार था. दोस्तों हम बात कर रहे हैं सोनम वांगचुक की जो अपने कामों के चलने अपनी पहचान बना चुके हैं. क्या आप जानते हैं कौन हैं सोनम वांगचुक? चलिए हम बताते हैं :
कौन हैं सोनम वांगचुक ?
सबसे पहले तो आपको बता दें कि सोनम वांगचुक का जन्म 1 सितंबर 1966 को हुआ था. सोनम हमारे देश के शिक्षा सुधारक हैं, साथ ही वे देश के एक अभियन्ता और नवाचारी के रूप में आगे आए हैं. सोनम स्टूडेंट्स के द्वारा बनाए गए एक ग्रुप स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECOML) के संस्थापक-निदेशक भी हैं. इस ग्रुप का निर्माण साल 1988 में किया गया था.
इस ग्रुप के स्टूडेंट्स यह कहते हैं कि वे एक शिक्षा प्रणाली से पीड़ित हैं. इस शिक्षा प्रणाली को लेकर उनका मानना है कि इसे लद्दाख पर जबरदस्ती थोपा गया है. ग्रुप को लेकर यह कहा जाता है कि इसका निर्माण सोमन वांगचुक ने कई साधनों को लोगों के सामने लाने के लिए किया है. सोनम ने अपने इस ग्रुप के अंतर्गत अपने परिसर को ऐसा डिजाइन किया है जो पूरी तरह से सौर-ऊर्जा पर चलता है. यहाँ खाना पकाने से लेकर लाइट जलाने और अन्य कामों के लिए जीवाश्म ईंधन का प्रयोग नहीं किया जाता है.
सोनम के कारनामे :
सोनम वांगचुक के ग्रुप स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECOML) के बारे में तो हम पढ़ ही चुके हैं. इसके अलावा सोनम को गवर्नमेंट स्कूल्ज की कई व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए भी काफी सराहा गया है. सोनम ने गवर्नमेंट, ग्रामीण समुदायों और नागरिक समाज के साथ मिलकर साल 1994 में ‘ऑपरेशन न्यू होप’ भी शुरू किया था.
इसके साथ ही सोनम ने बर्फ-स्तूप टेक्नोलॉजी का आविष्कार भी किया है. इसके द्वारा कृत्रिम ग्लेशियरों का निर्माण किया जाता है. इन बर्फ के ढेरों का उपयोग पानी का संग्रह करने के लिए किया जाता है.
सोनम का हालिया कारनामा :
कुछ समय पहले ही सोनम वांगचुक की लद्दाख की गलवान वैली से भी कुछ फोटोज सामने आई थीं. इस तस्वीरों में एक टेंट ने काफी सुर्खियाँ बटोरी. दरअसल सोनम वांगचुक ने सेना के जवानों के लिए एक टेंट का निर्माण किया. इस टेंट की खास बात यह है कि इस टेंट का तापमान हमेशा 15 डिग्री से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रहेगा. टेंट के अन्दर यह तापमान हमेशा ऐसा ही रहेगा, चाहे टेंट के बाहर बर्फ गिर रही हो.
सोनम बताते हैं कि लद्दाख ने 24*7 बिजली नहीं रहती हैं ऐसे में यहाँ सेना के जवान गर्मी के लिए डीजल या केरोसिन का उपयोग लकड़ी जलाने के लिए करते हैं. यह जवानों के लिए काफी नुकसान देयक भी साबित हो सकता है. इसे ध्यान में रखते हुए सोनम ने इस टेंट का निर्माण किया है. इस टेंट सोलर एनर्जी से गर्म होगा और हीट पैदा करेगा. इस टेंट में इसके लिए हीटर भी लगाया गया है. सोनम इस बारे में पहले ही बता चुके हैं कि इस टेंट में एक साथ 10 जवान रह सकते हैं.
आपको सोनम वांगचुक के बारे में यह जानकारी कैसी लगी ? हमें कमेंट के माध्यम से जरुर बताएं.
