हेलो दोस्तों ! बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में स्थापित सुशील कुमार मोदी जाने माने राजनीतिज्ञ हैं. सुशील मोदी भाजपा या बीजेपी या भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और साथ ही वे बिहार के तीसरे उपमुख्यमंत्री के रूप में भी कार्यरत हैं. सुशील कुमार मोदी के बारे में यह भी बता दें कि वे बिहार के वित्त मंत्री भी रह चुके हैं.
सुशील कुमार मोदी का प्रारम्भिक जीवन :
सुशील मोदी का जन्म बिहार के पटना में 5 जनवरी 1952 को हुआ था. सुशील के पिता का नाम मोतीलाल मोदी और मां का नाम रत्ना देवी था. मोदी की शुरूआती पढ़ाई पटना के ही एक स्कूल सेंट माइकल स्कूल से हुई. यहाँ से आगे की पढ़ाई उन्होंने बी.एन. कॉलेज, पटना से की. पढ़ाई को बीच में छोड़कर वे जय प्रकाश नारायण द्वारा संचालित आंदोलन में शामिल हो गए.
सुशील कुमार मोदी का राजनीतिक जीवन :
- आन्दोलन की तरफ अपने कदम बढाने के बाद सुशील ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और साल 1990 में वे राजनीति में शामिल हो गए. सुशील कुमार मोदी ने राजनीति में सक्रीय होते हुए सफलतापूर्वक पटना केंद्रीय विधानसभा से चुनाव लड़ा.
- साल 1990 के दौरान ही उन्हें पुनर्निर्वाचित किया गया और साथ ही इसी वर्ष उन्हें भाजपा बिहार विधानसभा दल का मुख्य सचेतक का पद भी दिया गया.
- साल 1996 से लेकर 2004 तक सुशील कुमार मोदी राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे. सुशील का नाम और भी सुर्ख़ियों में तब आया जब उन्होंने पटना हाईकोर्ट में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ ही जनहित याचिका दायर करवाई. इस याचिका को ही हम चारा घोटाला के रूप में भी जानते हैं.
- साल 2004 के दौरान ही सुशील लोकसभा के सदस्य भी निर्वाचित किए गए.
- इसके साथ ही यह भी बता दें कि मोदी वर्ष 2000 के दौरान ही नीतीश कुमार सरकार के अंतर्गत संसदीय कार्य मंत्री भी रह चुके हैं.
- साल 2005 में सुशील कुमार को बिहार चुनाव बीजेपी विधानमंडल पार्टी का नेता चुना गया. इस दौरान उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा दिया और बिहार के उपमुख्यमंत्री बने. कई विभागों के साथ ही उन्हें वित्त पोर्टफोलियो भी दिया गया था.
- बात करें 2010 की तो बिहार में हुए इलेक्शन में एनडीए की जीत हुई और उनका उपमुख्यमंत्री पद ऐसे ही बना रहा.
- वर्ष 2017 के दौरान जब बिहार में जेडीयू-आरजेडी ग्रैंड एलायंस सरकार का पतन हुआ, तब इसके पीछे सुशील कुमार मोदी को ही बड़ा खिलाड़ी माना गया.
सुशील कुमार मोदी ने थामा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ :
सुशील मोदी 1962 में हुए इंडिया-चीन युद्ध के दौरान एक्टिव थे, और साथ ही स्रकूल स्टूडेंट्स को फिटनेस और परेड आदि का के लिए ट्रेनिंग देने के लिए सिविल डिफेंस के कमांडेंट बनाए गए थे. इसी वर्ष में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सदस्यता ले ली. सुशील कुमार मोदी ने साल 1968 में आरएसएस का अधिकारी प्रशिक्षण कोर्स ज्वाइन किया. RSS का पूर्ण कालिक वर्कर होते हुए सुशील मोदी ने कई जगहों पर आरएसएस की ब्रान्चेस शुरू करवाई.
सुशील कुमार मोदी का पारिवारिक जीवन :
सुशील कुमार मोदी की शादी साल 1987 में जेसी जॉर्ज से हुई. जेसी के बारे में जानकारी दे दें कि वे मुंबई की रहने वाली हैं. मोदी के दो बेटे उत्कर्ष ताथगेट और अक्षय अमृतांशु हैं.
