B R Gavai Biography
October 7, 2025

Justice B R Gavai Biography – बॉम्बे हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मशहूर है जिनका नाम

कौन हैं न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई? Who is Justice B R Gavai Biography?

न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई (Justice Bhushan Ramakrishna Gavai) भारतीय न्यायपालिका का एक प्रमुख नाम हैं। 14 मई 2025 को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ लेने वाले पहले बौद्ध और दूसरे दलित CJI बनकर उन्होंने इतिहास रच दिया है। उनका न्यायिक करियर दशकों का रहा है, जिसमें उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कई महत्वपूर्ण संवैधानिक मामलों में निर्णय दिए हैं। आज हम बी आर गवई के प्रारंभिक जीवन, शिक्षा, कानूनी यात्रा और उनके सबसे बड़े फैसलों का विस्तृत विवरण आपको बताने वाले हैं। तो चलिए जानते हैं कैसा रहा बी आर गवई का जीवन (B R Gavai Biography in hindi)

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प्रारंभिक जीवन, शिक्षा और दलित पृष्ठभूमि (B R Gavai information)

न्यायमूर्ति बी आर गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को अमरावती, महाराष्ट्र में हुआ था। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भारतीय समाज और राजनीति में गहरी जड़ें रखती है।

पिता – रा. सु. गवई (R.S. Gavai), एक प्रसिद्ध अम्बेडकरवादी नेता और पूर्व राज्यपाल।

सामाजिक पहचान – वह देश के पहले बौद्ध और सामाजिक रूप से दलित पृष्ठभूमि से आने वाले दूसरे CJI हैं।

शिक्षा – उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से वाणिज्य और कानून (Law) की डिग्री प्राप्त की।

बी आर गवई की प्रारंभिक शिक्षा अमरावती के एक स्थानीय मराठी स्कूल में हुई, जिसने उनकी विनम्र शुरुआत को दर्शाया। उनके पिता के राजनीतिक और सामाजिक योगदान ने उनके जीवन और न्यायिक दर्शन को गहराई से प्रभावित किया।

बी आर गवई का कानूनी और न्यायिक करियर (1985–2019)

न्यायमूर्ति गवई ने 16 मार्च 1985 को बार में अपनी वकालत शुरू की। उनकी वकालत मुख्य रूप से बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ में केंद्रित थी, जहाँ उन्होंने संवैधानिक और प्रशासनिक कानूनों में विशेषज्ञता हासिल की।

सरकारी वकील (2000) : 17 जनवरी 2000 को उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ के लिए सरकारी वकील और लोक अभियोजक नियुक्त किया गया।

हाई कोर्ट न्यायाधीश (2003) : उन्हें 14 नवंबर 2003 को बॉम्बे हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश और 2005 में स्थायी न्यायाधीश बनाया गया।

सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश (2019) : 24 मई 2019 को, उन्हें भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया।

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सुप्रीम कोर्ट के सबसे महत्वपूर्ण फैसले (B R Gavai in Supreme Court)

न्यायमूर्ति बी आर गवई उन संवैधानिक पीठों का हिस्सा रहे हैं जिन्होंने भारतीय कानून और राजनीति को प्रभावित करने वाले कई ऐतिहासिक निर्णय दिए हैं। ये निर्णय उन्हें सर्च इंजन पर सबसे अधिक प्रासंगिक बनाते हैं।

1. अनुच्छेद 370 फैसला (Article 370)

वह उस ऐतिहासिक संवैधानिक पीठ का हिस्सा थे जिसने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के केंद्र के फैसले को सर्वसम्मति से बरकरार रखा।

2. नोटबंदी (Demonetisation) का निर्णय

CJI गवई ने 2016 में ₹1,000 और ₹500 के करेंसी नोटों को बंद करने के फैसले पर 4:1 के बहुमत से मंजूरी देने वाले फैसले में बहुमत का फैसला लिखा था।

3. चुनावी बांड योजना (Electoral Bonds)

वह पांच-न्यायाधीशों की पीठ में शामिल थे जिसने राजनीतिक फंडिंग की चुनावी बांड योजना को असंवैधानिक करार दिया, इसे पारदर्शिता के खिलाफ बताया।

52वें CJI के रूप में वर्तमान अपडेट (2025)

बी आर गवई 14 मई 2025 को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) बने। उनका कार्यकाल 23 नवंबर 2025 तक रहेगा। हाल ही में, उन्होंने मॉरीशस का आधिकारिक दौरा किया, जहाँ उन्होंने भारतीय कानूनी प्रणाली के ‘कानून के नियम’ (Rule of Law) से चलने पर ज़ोर दिया, न कि ‘बुलडोजर के नियम’ से।

न्यायमूर्ति गवई अपनी सादगी और न्याय के प्रति अटूट समर्पण के लिए जाने जाते हैं, जो उन्हें वर्तमान न्यायिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बनाते हैं।

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