Who is Ashwini Vaishnav
July 9, 2021

Ashwini Vaishnav Biography – जानिए अश्विनी वैष्णव कौन है? PM मोदी ने उन्हें क्यों बनाया रेल और आईटी मंत्री

Who is Ashwini Vaishnav – दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे देश के रेलवे, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) के बारे में. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व आईटी मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता रवि शंकर प्रसाद (ravi shankar prasad) को हटाकर अश्विनी वैष्णव को देश का नया आईटी मंत्री बनाया, उसकी काफी चर्चा हो रही है. आईटी मंत्री के अलावा अश्विनी वैष्णव को रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी भी दी गई है.

दोस्तों अश्विनी वैष्णव देश के लोगों के लिए एक नया नाम है. इसका कारण यह है कि अश्विनी वैष्णव राजनेता नहीं बल्कि एक पूर्व नौकरशाह है. अश्विनी वैष्णव के आईटी मंत्री बनने के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अश्विनी वैष्णव कौन है? (Who is Ashwini Vaishnav), अश्विनी वैष्णव को मंत्री क्यों बनाया गया है? (Why Ashwini Vaishnav has been made Minister). इन सब सवालों के जवाब हम इस आर्टिकल के जरिए जानेंगे. तो चलिए शुरू करते हैं अश्विनी वैष्णव का जीवन परिचय.

अश्विनी वैष्णव कौन है? (Who is Ashwini Vaishnav)

अश्विनी वैष्णव देश के नए रेल और आईटी मंत्री है. अश्विनी वैष्णव 1994 बैच के आईएएस कैडेट है. वह ओड़िशा के बालासोर में डीएम और कटक मे कलेक्टर का पदभार संभाल चुके है. अश्विनी वैष्णव ओडिशा से राज्यसभा सांसद है.

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अश्विनी वैष्णव की जीवनी (ashwini vaishnaw biography)

दोस्तों अश्विनी वैष्णव का जन्म 18 जुलाई 1971 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ था. अश्विनी वैष्णव के पिता का नाम दाऊलाल वैष्णव है. अश्विनी वैष्णव की माता का नाम सरस्वती वैष्णव है. दाऊलाल वैष्णव मूल रूप से पाली जिले में जीवंत कला ग्राम के रहने वाले थे, लेकिन 1966 में पढ़ने के लिए पाली से जोधपुर आ गए थे. इसके बाद वह जोधपुर में ही रहने लगे. अश्विनी वैष्णव के पत्नी का नाम सुनीता वैष्णव है. अश्विनी वैष्णव और सुनीता वैष्णव की शादी 15 फ़रवरी 1995 को हुई थी.

अश्विनी वैष्णव की शिक्षा (ashwini vaishnaw education)

अश्विनी वैष्णव ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल से पूरी की है. इसके बाद अश्विनी वैष्णव ने जोधपुर के एम. बी. एम इंजीनियरिंग कॉलेज से बी. टेक की पढ़ाई की है. इसके बाद अश्विनी वैष्णव ने आईआईटी कानपुर से एम. टेक की पढ़ाई की है. साथ ही अश्विनी वैष्णव ने व्हार्टन स्कूल ऑफ़ द यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेन्सिलवेनिया से एमबीए किया है.

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अश्विनी वैष्णव का करियर (Ashwini Vaishnaw Career)

शिक्षा हासिल करने के बाद अश्विनी वैष्णव ने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी और उन्हें सफलता मिली साल 1994 में. अश्विनी वैष्णव 1994 बैच के आईएएस अधिकारी है. आईएएस ऑफिसर रहते हुए उन्होंने अच्छा कार्य किया. बालासोर के डीएम रहते हुए अश्विनी वैष्णव ने आपदा की स्थिति को अच्छे संभाला. इसके बाद नवीन पटनायक के कार्यकाल में अश्विनी वैष्णव को कटक का कलेक्टर बनाया गया. साल 2003 तक ओडिशा में रहने के बाद अश्विनी वैष्णव को प्रधान मंत्री ऑफिस में बुलाया गया और उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का डिप्टी सेक्रेटरी बनाया गया. अश्विनी वैष्णव क़रीब डेढ़ सालों तक गोवा पोर्ट के डिप्टी चेयरमैन रहे.

साल 2008 में अश्विनी वैष्णव पढ़ाई करने के लिए दो साल के लिए अमेरिका चले गए और वहां से लौटकर IAS ऑफिसर की नौकरी से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद उन्होंने कई प्राइवेट कंपनियों में वाइस प्रेसिडेंट से लेकर डायरेक्टर तक का पद संभाला. अश्विनी वैष्णव ने गुजरात में ऑटो उपकरण की विनिर्माण इकाइयां भी स्थापित की.

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अश्विनी वैष्णव का पॉलिटिकल करियर (Ashwini Vaishnaw Political Career)

अटल बिहारी वाजपेयी का डिप्टी सेक्रेटरी रहने के दौरान अश्विनी वैष्णव के कई भाजपा नेताओं से अच्छे संपर्क बन गए थे. इन नेताओं में नरेन्द्र मोदी भी शामिल है. दूसरी तरह ओडिशा में IAS ऑफिसर की नौकरी के दौरान उनके ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी अच्छे संबंध बने. इस तरह अश्विनी वैष्णव ने ओडिशा में बीजेपी और बीजेडी के गठबंधन के बीच सेतु का काम भी किया.

बिना बहुमत के जीता राज्यसभा चुनाव

28 जून 2019 को अश्विनी वैष्णव ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की. भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद ही भाजपा ने अश्विनी वैष्णव को ओडिशा से अपना राज्यसभा उम्मीदवार बना दिया. खास बात यह है कि ओडिशा में भाजपा के पास अश्विनी वैष्णव को जीताने के लिए विधायकों की पर्याप्त संख्या भी नहीं थी. ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक चाहते तो आसानी से अश्विनी वैष्णव को हरवाकर अपना उम्मीदवार राज्यसभा भेज सकते थे, लेकिन नवीन पटनायक ने भाजपा उम्मीदवार अश्विनी वैष्णव का समर्थन कर दिया और उनके सामने अपना उम्मीदवार ही नहीं उतारा. इस तरह बहुमत ना होते हुए भी अश्विनी वैष्णव राज्यसभा सांसद बन गए. अब दो साल राज्यसभा सांसद बने रहने के बाद अश्विनी वैष्णव को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें देश का नया रेल और आईटी मंत्री बनाया है.

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अश्विनी वैष्णव की सैलरी (Ashwini Vaishnaw salary)

कैबिनेट मंत्री के रूप में अश्विनी वैष्णव को हर महीने 1,00,000 रुपए सैलरी के रूप में दिया जाता है. इसके अलावा उन्हें 70,000 रुपए निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, 60,000 रुपए कार्यालय भत्ता, 2,000 रुपए सत्कार भत्ता दिया जाता है. इसके अलावा उन्हें संसद सदस्य की तरह की यात्रा भत्ता/यात्रा सुविधाएं, रेल यात्रा सुविधाएं, स्टीमर पास, आवास, टेलीफोन सुविधाएं और वाहन क्रय हेतु अग्रिम राशि मिलती है.

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